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सरकार ने माना- कोई भी घटना मिडिल ईस्ट में होगी उसका प्रभाव हम पर पड़ेगा, स्थिति फिलहाल संतुलित

 Written By: Shoaib Raza Edited By: Sourabha Suman
 Published : Mar 19, 2026 04:35 pm IST,  Updated : Mar 19, 2026 05:33 pm IST

सरकार की तरफ से कहा गया कि कच्चे तेल (क्रूड) की उपलब्धता सामान्य है और रिफाइनरियों का संचालन भी बिना किसी बाधा के जारी है। ड्राई-आउट जैसी कोई स्थिति नहीं है, जिससे सप्लाई चेन स्थिर बनी हुई है।

पेट्रोलियम मंत्रालय की जाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा - India TV Hindi
पेट्रोलियम मंत्रालय की जाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा। Image Source : ANI

पेट्रोलियम मंत्रालय की जाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने गुरुवार को कहा कि कोई भी घटना मिडिल ईस्ट में होगी उसका प्रभाव हम पर पड़ेगा, हम 90 प्रतिशत एलपीजी 47 प्रतिशत एलएनजी कतर से लेते हैं । युद्ध हो रहा है, हम पर असर पड़ रहा है इसीलिए हम हर रोज जानकरी देने का प्रयास कर रहे हैं। देश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति को लेकर स्थिति फिलहाल संतुलित बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की आपूर्ति पर्याप्त है और रिफाइनरियां पूर्ण क्षमता से काम कर रही हैं। पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं और कहीं भी ईंधन खत्म होने (ड्राई-आउट) की कोई सूचना नहीं है।


PNG और CNG की आपूर्ति 100 प्रतिशत जारी है। व्यावसायिक एलपीजी उपयोगकर्ताओं को, जहां नेटवर्क उपलब्ध है, CGD कंपनियों के माध्यम से प्रोत्साहन और त्वरित कनेक्शन देकर PNG अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कालाबाज़ारी और जमाखोरी रोकने के लिए, राज्यों ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए हैं और छापेमारी तेज़ कर दी है, वहीं तेल विपणन कंपनियां निरीक्षण कर रही हैं।

एलपीजी के बजाय पीएनजी अपनाने की अपील

सरकार लगातार उपभोक्ताओं से एलपीजी के बजाय पीएनजी अपनाने की अपील कर रही है। इस दिशा में कई कंपनियों ने इंसेंटिव भी शुरू किए हैं, जिसके चलते अब तक करीब सवा लाख नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, एलपीजी की स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। पैनिक बुकिंग में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन मांग का दबाव पूरी तरह कम नहीं हुआ है। वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कमर्शियल गैस के मामले में 17 राज्यों ने एलोकेशन ऑर्डर जारी किए हैं, जबकि केरोसिन के लिए 15 राज्यों ने आपूर्ति आदेश जारी किए हैं।

राज्यों की भूमिका बेहद अहम

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने में राज्यों की भूमिका बेहद अहम है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को पत्र लिखकर जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए 31 राज्यों में जिला स्तर पर मॉनिटरिंग सेंटर भी शुरू कर दिए गए हैं, ताकि आपूर्ति और वितरण पर लगातार नजर रखी जा सके।

एक नजर इस पर भी डालें

पीआईबी के मुताबिक, भारत की प्राकृतिक गैस की कुल खपत लगभग 189 MMSCMD है, जिसमें से 97.5 MMSCMD गैस का उत्पादन घरेलू स्तर पर किया जाता है। 'फोर्स मेज्योर' (अप्रत्याशित परिस्थितियों) की स्थितियों के कारण लगभग 47.4 MMSCMD गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। सरकार ने कहा है कि घरेलू PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की आपूर्ति और वाहनों के लिए CNG की आपूर्ति 100 प्रतिशत स्तर पर जारी रहेगी, जिसमें किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। भारत अपनी LPG की कुल खपत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है, और इस आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के रास्ते से आता है; मौजूदा घटनाक्रमों के कारण इस मार्ग से होने वाली आपूर्ति प्रभावित हुई है।

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